आज लफ्जों को मैने शाम की चाय पे बुलाया है

   आज लफ्जों को मैने शाम की चाय पे बुलाया है बन गयी बात तो ग़ज़ल भी हो सकती है……

आज लफ्जों को मैने शाम की चाय पे बुलाया है
बन गयी बात तो ग़ज़ल भी हो सकती है……

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