Akshardhaam Mandir, (Swaminarayan Akshardhaam)

अक्षरधाम मंदिर, (स्वामीनारायण अक्षरधाम)

Akshardhaam Mandir,Hindi Shayari

नई दिल्ली में स्थित स्वामीनारायण अक्षरधाम जो 10,000 वर्ष पुरानी भारतीय संस्कृति के प्रतीक को बहुत विस्मयकारी, सुंदर, बुद्धिमत्तापूर्ण और सुखद रूप से प्रस्तुत करता है। यह भारतीय शिल्पकला, परंपराओं और प्राचीन आध्यात्मिक संदेशों के तत्वों को शानदार ढंग से दिखाता है। अक्षरधाम एक ज्ञानवर्धक यात्रा का ऐसा अनुभव है जो मानवता की प्रगति, खुशियों और सौहार्दता के लिए भारत की शानदार कला, मूल्यों और योगदान का वर्णन करता है।




दिल्ली का अक्षरधाम मंदिर, जिसे स्वामी नारायण मंदिर के नाम से भी जाना जाता है, दिल्ली के प्रमुख आकर्षणों में से एक है। यह भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिकता व वास्तुकला को बखूबी दर्शाता है। यह मंदिर एक अनोखा सांस्कृतिक तीर्थ है, जिसे ज्योतिर्धर भगवान स्वामिनारायण की याद में बनवाया गया। अक्षरधाम मंदिर बाकी इमारतों की तरह प्राचीन नहीं है, लेकिन जिस अंदाज़ में इसकी लोकप्रियता फैली है, उसने इसे दिल्ली के अहम दर्शनीय स्थलों में शुमार करा दिया है।

अक्षरधाम मन्दिर को गुलाबी, सफेद संगमरमर और बलुआ पत्थरों के मिश्रण से बनाया गया है। इस मंदिर को बनाने में स्टील, लोहे और कंक्रीट का इस्तेमाल नहीं किया गया। मंदिर को बनाने में लगभग पांच साल का समय लगा था। श्री अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था के प्रमुख स्वामी महाराज के नेतृत्व में इस मंदिर को बनाया गया था। करीब 100 एकड़ भूमि में फैले इस मंदिर को 11 हजार से ज्यादा कारीगरों की मदद से बनाया गया। पूरे मंदिर को पांच प्रमुख भागों में विभाजित किया गया है। मंदिर में उच्च संरचना में 234 नक्काशीदार खंभे, 9 अलंकृत गुंबदों, 20 शिखर होने के साथ 20,000 मूर्तियां भी शामिल हैं। मंदिर में ऋषियों और संतों की प्रतिमाओं को भी स्थापित किया गया है।




मंदिर के आकर्षण

यह मंदिर भारतीय वास्तुकला, आध्यात्मिकता व परंपरा को दर्शाता है, जो इसे भारत के प्रमुख आकर्षणों में से एक बनाते है|

 इसके 10 प्रवेशद्वार

अक्षरधाम मंदिर में 10 प्रवेशद्वार हैं, जो वैदिक साहित्य के अनुसार 10 दिशाओं में स्थित हैं। मंदिर के ये प्रवेश द्वार चिन्हित करते हैं कि, सारी अच्छी चीजें हर दिशाओं से इसके अंदर प्रवेश करती हैं।

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