जवानी का मोड़…

September 24, 2014 Hindi Shayari 0

  लोग हर मोड़ पे रुक-रुक के संभलते क्यों हैं, इतना डरते हैं तो फिर घर से निकलते क्यों हैं, मैं न जुगनू हूँ, दिया […]