Sach Na Bolna , Kavi Nagaarjun Hindi Kavita Sangrah, poems

May 23, 2019 naagaarjun 0

सच न बोलना(कवी नागार्जुन /कविता संग्रह) मलाबार के खेतिहरों को अन्न चाहिए खाने को, डंडपाणि को लठ्ठ चाहिए बिगड़ी बात बनाने को! जंगल में जाकर […]

Aaye Din Bahaar Ke, Hindi Kavita Sangrah

May 22, 2019 naagaarjun 0

आए दिन बहार के (कवि नागार्जुन/कविता संग्रह) ‘स्वेत-स्याम-रतनार’ अँखिया निहार के सिण्डकेटी प्रभुओं की पग-धूर झार के लौटे हैं दिल्ली से कल टिकट मार के […]

Saty Ko Lakwaa Maar Gya Nagaarjun Kavita Sangrah, Kavita

May 16, 2019 naagaarjun 0

सत्य को लकवा मार गया है(सत्य/नागार्जुन कविता संग्रह) सत्य को लकवा मार गया है वह लंबे काठ की तरह पड़ा रहता है सारा दिन, सारी […]