Kabhee kabhee aisa hota hai | By Kamal

Kabhee kabhee aisa hota hai, Kamal

♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥ कभी कभी ऐसा होता है, खुशियों के क्षण मन रोता है| चेहरे पर मुस्कान खेलती है, लेकिन अन्दर मन रोता है| व्याकुलता उर में बढ़ जाती है, जब कोई प्रिय जन खोता है| आखें अश्रु बहाती रहती है, जब ये मन विचलित होता है| जीवन में कुछ शेष न रहता है, मन का मीत … Read more