राहत इन्दोरी | अब ना मैं हूँ, ना बाकी हैं ज़माने मेरे !!!!

Rahat Indori

अब ना मैं हूँ, ना बाकी हैं ज़माने मेरे​, फिर भी मशहूर हैं शहरों में फ़साने मेरे​, ज़िन्दगी है तो नए ज़ख्म भी लग जाएंगे​, अब भी बाकी हैं कई दोस्त पुराने मेरे। Ab Na Main Hun, Na Baaki Hai Zamane Mere, Fir Bhi MashHoor Hain Shaharon Mein Fasane Mere, Zindagi Hai Toh Naye Zakhm … Read more